सोचिए, आप सुबह-सुबह मार्केट चेक कर रहे हैं और अचानक किसी कंपनी का शेयर तेज़ी से भाग रहा है। कारण? एक नया कॉन्ट्रैक्ट, कोई बोनस इश्यू, या फिर किसी बड़े प्रोजेक्ट की जीत। यही है शेयर बाज़ार का असली मज़ा—जहाँ हर खबर सीधे निवेशकों के मूड और दामों पर असर डालती है। आज हम बात करेंगे ऐसी ही एक कंपनी की, जिसने हाल ही में मार्केट में सुर्खियाँ बटोरी हैं।

Ceigall India बनी GMADA प्रोजेक्ट की L1 बिडर
Ceigall India Limited, जो बड़ी-बड़ी सड़कें, फ्लाईओवर, पुल और टनल बनाने के लिए जानी जाती है, अब एक और बड़ा प्रोजेक्ट जीतने की ओर है। कंपनी Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) के प्रोजेक्ट में L1 (lowest) bidder बनकर सामने आई है।
इस खबर के बाद शेयरों में हलचल मच गई और स्टॉक करीब 3.4% ऊपर चढ़कर ₹278.40 तक पहुँच गया, जो पिछले क्लोज ₹269.25 से ज़्यादा था।
प्रोजेक्ट की डिटेल
ये प्रोजेक्ट Aerotropolis City, S.A.S Nagar के लिए है। इसमें आंतरिक सड़कों का विकास और सिविल, हेल्थ और इलेक्ट्रिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।
- Contract Value: ₹509.20 करोड़ (GST सहित)
- Completion Time: 24 महीने
- Defect Liability Period: 36 महीने
यानी कंपनी के पास अगले दो साल तक लगातार काम और राजस्व का बड़ा सोर्स रहेगा।
कंपनी का ताज़ा प्रदर्शन
Q1FY25-26 में कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा मिला-जुला रहा।
| Metric | Q1FY24-25 | Q1FY25-26 |
|---|---|---|
| Revenue | ₹822 करोड़ | ₹838 करोड़ |
| Net Profit | ₹78 करोड़ | ₹51 करोड़ |
जहाँ राजस्व में हल्की बढ़त हुई, वहीं प्रॉफिट में कमी आई है।
वित्तीय मजबूती
Ceigall India की बैलेंस शीट को देखें तो यह अब भी मज़बूत है।
- 3-Year Avg ROE: 28.5%
- Current ROE: 20.9%
- ROCE: 19.4%
- Debt-to-Equity Ratio: 0.76
स्टॉक का P/E Ratio 17.9 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 20.4 से कम है। वहीं PEG Ratio 0.56 बताता है कि शेयर अपने earnings growth के हिसाब से किफ़ायती है।
कंपनी की पहचान और क्लाइंट्स
2002 में बनी और लुधियाना (पंजाब) मुख्यालय वाली Ceigall India, EPC (Engineering, Procurement & Construction) और HAM (Hybrid Annuity Model) प्रोजेक्ट्स में एक्सपर्ट है।
इसके क्लाइंट लिस्ट में शामिल हैं:
- NHAI
- Ministry of Road Transport & Highways
- Military Engineer Services
- PWD Punjab
- IRCON International
ऑर्डर बुक की झलक
जून 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक का स्ट्रक्चर इस तरह है:
- HAM Projects: 61.7%
- EPC Projects: 36.9%
- BOT Projects: 1.4%
प्रोजेक्ट टाइप्स के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा सड़कें, हाइवे और फ्लाईओवर (83.4%) का है। इसके बाद रेल और मेट्रो (13.1%), टनल्स (2%) और बस टर्मिनल्स (1.4%) आते हैं।
नतीजा क्या निकला?
Ceigall India का GMADA प्रोजेक्ट जीतना कंपनी के लिए एक और बड़ा माइलस्टोन है। हालाँकि प्रॉफिट में गिरावट दिखी है, लेकिन मजबूत ऑर्डर बुक और भरोसेमंद क्लाइंट बेस इसे आगे बढ़ने की ताक़त देते हैं।










1 thought on “GMADA प्रोजेक्ट का L1 बिडर बना Ceigall India, शेयर में उछाल”