ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में Foreign Institutional Investors (FIIs) की भूमिका बहुत अहम है। ये बड़े निवेशक, जैसे म्यूचुअल फंड्स, पेंशन फंड्स और हेज फंड्स, बड़ी पूंजी लगाकर मार्केट की लिक्विडिटी और ट्रेंड्स को प्रभावित करते हैं। भारत में भी एफआईआई की बढ़ती हिस्सेदारी कई कंपनियों के शेयर प्राइस और वैल्यूएशन पर सीधा असर डालती है। हाल ही में 3 कंपनियों, सिरका पेंट्स इंडिया लिमिटेड, स्किपर लिमिटेड और लॉयड्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड, में FII की हिस्सेदारी बढ़ने की खबर आई है।

1. सिरका पेंट्स इंडिया लिमिटेड
सिरका पेंट्स कोटिंग्स इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनी है, जो इटैलियन टेक्नोलॉजी से हाई-क्वालिटी पेंट्स और कोटिंग्स बनाती है।
- मार्केट कैप: ₹2,680 करोड़
- शेयर प्राइस: ₹489 (0.52% गिरावट)
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो: 0.02 (लगभग कर्ज़ मुक्त कंपनी)
एफआईआई की हिस्सेदारी जून 2025 के 5.18% से बढ़कर सितम्बर 2025 में 7.35% हो गई, यानी 2.17% का इजाफा।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न:
- प्रमोटर्स: 65.19%
- रिटेल निवेशक: 27.14%
- डीआईआई: 0.32%
- एफआईआई: 7.35%
2. स्किपर लिमिटेड
स्किपर लिमिटेड ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रक्चर्स बनाने वाली ग्लोबल कंपनी है और पॉलिमर प्रोडक्ट्स में भी बड़ा नाम है।
- मार्केट कैप: ₹6,230 करोड़
- शेयर प्राइस: ₹552 (3.11% बढ़त)
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो: 0.60
एफआईआई की हिस्सेदारी जून 2025 के 5.42% से बढ़कर सितम्बर 2025 में 6.65% हो गई, यानी 1.23% का इजाफा।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न:
- प्रमोटर्स: 66.48%
- रिटेल निवेशक: 26.46%
- डीआईआई: 0.40%
- एफआईआई: 6.65%
3. लॉयड्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड
लॉयड्स एंटरप्राइजेज मुख्य रूप से आयरन और स्टील प्रोडक्ट्स के ट्रेडिंग के बिज़नेस में है और साथ ही इन्वेस्टमेंट्स भी मैनेज करती है। यह कंपनी साफ-सुथरे और पारदर्शी बिज़नेस प्रैक्टिसेज़ पर फोकस करती है।
- मार्केट कैप: ₹9,751 करोड़
- शेयर प्राइस: ₹67.8 (1.24% बढ़त)
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो: 0.24
एफआईआई की हिस्सेदारी जून 2025 के 0.47% से बढ़कर सितम्बर 2025 में 0.69% हो गई, यानी 0.22% का इजाफा।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न:
- प्रमोटर्स: 62.72%
- रिटेल निवेशक: 36.48%
- डीआईआई: 0.11%
- एफआईआई: 0.69%
क्यों अहम है FIIs की हिस्सेदारी?
- एफआईआई का बढ़ता निवेश कंपनी पर ग्लोबल निवेशकों का भरोसा दिखाता है।
- इससे कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी और वैल्यूएशन दोनों को बढ़ावा मिलता है।
- सिरका, स्किपर और लॉयड्स में एफआईआई का इंटरेस्ट इस बात का संकेत है कि इन कंपनियों का ग्रोथ पोटेंशियल और फंडामेंटल्स मजबूत हैं।
निष्कर्ष
सिरका पेंट्स, स्किपर और लॉयड्स एंटरप्राइजेज, इन तीनों कंपनियों में जून से सितम्बर 2025 के बीच FII की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। यह ट्रेंड बताता है कि भारतीय कंपनियों पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और भारत ग्लोबल कैपिटल के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।









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