Brightcom Group ने US डिफेंस कंपनी CQT से किया करार, शेयर 5% उछला; डिफेंस टेक्नोलॉजी में नई शुरुआत

By moneydozeorg@gmail.com

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स्टॉक मार्केट में कभी-कभी पैनी स्टॉक्स भी ऐसी खबरें देते हैं जो निवेशकों को चौंका देती हैं। बुधवार को Brightcom Group Ltd के शेयर ने 5% अपर सर्किट लगाया और ₹15.72 पर पहुंच गया। यह स्टॉक भले ही अपने 52-वीक हाई से 27% नीचे हो, लेकिन 52-वीक लो ₹7.72 से अब तक 100% से ज्यादा रिटर्न दे चुका है।

डिफेंस में नई शुरुआत

Brightcom Group ने अमेरिका की CQT Weapon Systems के साथ समझौता किया है। दोनों कंपनियां मिलकर ऐसे डिफेंस सॉल्यूशंस बनाएंगी जो सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को जोड़ेंगे। Brightcom अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की ताकत लाएगा, जबकि CQT अपने प्रिसीजन-इंजीनियर्ड हार्डवेयर जैसे टैक्टिकल राइफल्स और स्पेशलाइज्ड कॉम्पोनेंट्स उपलब्ध कराएगा। यह पार्टनरशिप Brightcom Defence डिवीजन का पहला बड़ा कदम है जिसका फोकस है एयरोस्पेस और ऑटोनॉमस डिफेंस टेक्नोलॉजी।

आत्मनिर्भर भारत से जुड़ाव

यह सहयोग केवल ग्लोबल मार्केट्स तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों कंपनियां भारत और एशिया, मिडिल ईस्ट और यूरोप में बिज़नेस अवसर तलाशेंगी। खास बात यह है कि CQT के हार्डवेयर को लोकल स्तर पर मैन्युफैक्चर करने और तकनीक ट्रांसफर पर भी जोर होगा। इससे भारत के “आत्मनिर्भर भारत” मिशन को बढ़ावा मिलेगा और Brightcom Defence को एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा।

किस तरह की टेक्नोलॉजी बनेगी

Brightcom और CQT मिलकर ऐसी टेक्नोलॉजी तैयार करेंगे जो आने वाले समय के लिए बेहद अहम होगी। इनमें स्वॉर्म कोऑर्डिनेशन, इंटेलिजेंट थ्रेट रिस्पॉन्स और ऑटोनॉमस कॉम्बैट सिस्टम्स शामिल हैं। सीधे शब्दों में कहें तो Brightcom का सॉफ्टवेयर और AI अब सिर्फ़ डिजिटल मार्केटिंग तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सैनिकों और सुरक्षा बलों के लिए असली हथियार और सिस्टम में तब्दील होगा।

कंपनी की झलक

Brightcom Group की शुरुआत 1998 में हुई थी और आज यह डिजिटल मार्केटिंग और सॉफ्टवेयर में जाना-पहचाना नाम है। Coca-Cola, Samsung और Vodafone जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ इसने काम किया है। 27 साल पुराने इस बिज़नेस ने ऑर्गेनिक ग्रोथ और कई देशों में अधिग्रहण करके अपनी पकड़ बनाई है। अब Brightcom Defence डिवीजन इसे पूरी तरह नए सेक्टर में ले जा रहा है।

वित्तीय स्थिति

कंपनी ने FY25 में ₹5,147 करोड़ की नेट सेल्स और ₹710 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। यह पूरी तरह कर्ज-मुक्त है और इसका मार्केट कैप ₹3,000 करोड़ से ऊपर है। शेयर अभी भी केवल 4x PE पर ट्रेड कर रहा है जबकि इसका ROE 9% और ROCE 12% है। पिछले एक साल में स्टॉक ने 100% से ज़्यादा रिटर्न दिया है और तीन साल में यह 300% चढ़ा है।

निष्कर्ष

Brightcom Group ने डिजिटल टेक्नोलॉजी से आगे बढ़कर डिफेंस टेक्नोलॉजी में कदम रख लिया है। CQT Weapon Systems के साथ पार्टनरशिप कंपनी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। अगर यह डिवीजन सफल होता है तो Brightcom भारत के डिफेंस सेक्टर में AI और रोबोटिक्स का बड़ा नाम बन सकता है।

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