कभी सोचा है कि आपकी बिजली आखिर इतनी दूर से आपके घर तक कैसे आती है? और वो भी बिना किसी रुकावट के? इसका जवाब है Power Grid Corporation of India Ltd। और अब ये Maharatna PSU एक और बड़े प्रोजेक्ट को जीत कर चर्चा में है।

उत्तर प्रदेश के के लिए Transmission System
PowerGrid को हाल ही में Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) के ज़रिए एक इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) प्रोजेक्ट का ठेका मिला है। यह प्रोजेक्ट Sonbhadra, उत्तर प्रदेश में आने वाले पंप्ड स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट्स से बिजली निकालने (evacuate) के लिए है।
- प्रोजेक्ट नाम: Transmission System for evacuation of power from Pumped Storage Projects
- लोकेशन: Sonbhadra, उत्तर प्रदेश
- मॉडल: BOOT (Build, Own, Operate, Transfer)
- LoI मिला: 4 सितम्बर 2025
काम में शामिल है
- 765/400kV का नया pooling सबस्टेशन
- सबस्टेशनों में bay extension
- नई 765kV ट्रांसमिशन लाइनें
ये प्रोजेक्ट ना सिर्फ PowerGrid के पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षमता को भी नई उड़ान देगा।
कंपनी की फाइनेंशियल तस्वीर
PowerGrid की ताज़ा तिमाही (Q1 FY25-26) रिपोर्ट कुछ मिली-जुली है:
| पैरामीटर | Q1 FY25-26 | Q1 FY24-25 |
|---|---|---|
| Revenue | ₹11,196 करोड़ | ₹11,006 करोड़ |
| Net Profit | ₹3,631 करोड़ | ₹3,724 करोड़ |
| Capex (FY26) | ₹6,981 करोड़ | ₹4,615 करोड़ (FY25) |
| Commissioning | ₹2,806 करोड़ | ₹2,429 करोड़ |
Revenue बढ़ा है, लेकिन Net Profit में थोड़ी गिरावट देखी गई है। वहीं, capex और commissioning से साफ है कि कंपनी infrastructure में तेजी से निवेश कर रही है।
क्यों है ये प्रोजेक्ट खास?
- राष्ट्रीय ग्रिड में मजबूती: पंप्ड स्टोरेज से आने वाली बिजली को efficiently ग्रिड में भेजना भारत की energy security के लिए अहम है।
- Digital India + Green Power: इस प्रोजेक्ट से renewable energy integration को भी बूस्ट मिलेगा।
- लंबी अवधि का स्थायित्व: BOOT मॉडल के ज़रिए PowerGrid को लंबे समय तक इसका संचालन मिलेगा।
कंपनी की ताकत क्या है?
PowerGrid सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी पावर ट्रांसमिशन कंपनियों में गिनी जाती है।
- ट्रांसमिशन लाइनें: 1,80,849 सर्किट किमी
- सबस्टेशन: 286
- Transform Capacity: 5,71,331 MVA
- IR Transfer Capacity: 1,01,180 MW (India का 84%)
- System Availability: 99.84%
इसके अलावा, कंपनी ने टेलीकॉम, कंसल्टेंसी और एनर्जी सर्विसेज में भी diversification किया है।
शेयर की हलचल और मार्केट कैप
इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में हल्का उछाल देखने को मिला, शेयर ₹282 से बढ़कर ₹285 तक गया। कंपनी का मार्केट कैप अब ₹2.63 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है।
निष्कर्ष
PowerGrid का यह नया प्रोजेक्ट सिर्फ एक और सरकारी काम नहीं है, ये भारत के डिजिटल और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य के लिए तैयार करने का कदम है। चाहे ग्रिड मैनेजमेंट हो, या हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन, PowerGrid आज भारत की ऊर्जा रीढ़ है।









